नियंत्रण एवं समन्वयन Part-2/Class 10/ Lesson 7
पादपों में समन्वय (Co- ordination in Plant) सभी जीवो पौधों और जंतुओं में जैविक क्रियाओं का समन्वयन एवं नियंत्रण पाया जाता है। जंतुओं में तो इसके लिए संवेदी अंग व तंत्रिका तंत्र होता है। परंतु पौधों में ना तो तंत्रिका तंत्र होता है और ना ही विशेष संवेदी अंग (जैसे- आंख, कान, नाक आदि) होते हैं, किंतु फिर भी पौधों में जीवन के प्रति अनुक्रिया देखी जाती है। पौधे उद्दीपन के प्रति संवेदनशील होते हैं और अनुक्रिया करते हैं आप छुईमुई तथा सूरजमुखी के पौधों में अनुक्रिया को आसानी से देख सकते हैं। पादपों में नियंत्रण एवं समन्वयन केवल हार्मोन्स के द्वारा होता है। जिन्हें पादप हार्मोन कहते हैं। पादप हार्मोन- ये जटिल कार्बनिक पदार्थ है। जो पेड़ पौधों में निश्चित स्थानों पर बनते हैं तथा वहां से संवहन ऊतकों द्वारा पौधे के विभिन्न भागों में स्थानांतरित होकर उनकी वृद्धि, उपापचयी तथा समन्वय क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। हार्मोन शब्द का अर्थ है 'उत्तेजित करने वाला पदार्थ' स्टर्लिंग में सन् 1906 में हार्मोन शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किया थ...