10th Biology notes in Hindi
10th Biology notes in Hindi 6- मनुष्य में तीन जोड़ी लार ग्रंथियां पाई जाती है – i) अधोजिह्वा ii) अधोहनु iii) कर्णमूल 7- कर्णमूल ग्रंथियों में संक्रमण से कर्णमूल रोग(Mumps) हो जाता है | 8- लार में टाईलीन एवं लाइसोजाईम नामक एंजाइम पाया जाता है | टाईलीन मन्ड (स्टार्च) को शर्करा में बदलता है तथा लाइसोजाईम जीवाणुओं का भक्षण करता हैं | 9- मनुष्य के दात गर्तदंती , द्विवारदंती तथा विषमदन्ती होते हैं | ये चार प्रकार के होते हैं – i) कृन्तक (काटने का कार्य) ii) रदनक(चीरने-फाड़ने का कार्य) iii) अग्रचवर्णक (चबाने तथा पिसने का कार्य) iv) चवर्णक (चबाने तथा पीसने का कार्य) 10- जठर ग्रंथियां अमाशय में स्थित होती हैं जिनसे जठर रस स्रावित होता है | जठर रस में पेप्सिन(प्रोटीन पाचक) , लाइपेज(वसा पाचक) तथा रेनिन एंजाइम पाए जाते हैं | 11- पीत रस यकृत से बनकर पित्ताशय में इकठ्ठा होता है | यह वसा का इमल्सीकरण करता है तथा भोजन के माध्यम को क्षारीय बनाता है | 12- मनुष्य के शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि यकृत है | जिसका भार लगभग 1.5 किग्रा है | यकृत हानिकारक अमोनिया को यूरिया में बदल देता है | 13- अग्नाशय रस अग्नाश...