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Showing posts from October, 2021

Class 10 Biology Chapter 15 Our Environment (हमारा पर्यावरण)

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  Class 10 Biology  Chapter 15  Our Environment (हमारा पर्यावरण) प्रश्न 1.  क्या कारण है कि कुछ पदार्थ जैव निम्नीकरणीय होते हैं और कुछ अजैव निम्नीकरणीय? उत्तर  कुछ पदार्थों का जीवाणु अथवा दूसरे मृतजीवियों (saprophytes) द्वारा अपघटन हो जाता है परंतु कुछ पदार्थों का जैविक प्रक्रम द्वारा अपघटन नहीं हो पाता है। अत: सब्ज़ियों के अपशिष्ट, जंतुओं के अपशिष्ट, पत्ते आदि जैव निम्नीकरणीय हैं क्योंकि जीवाणु और कवक जैसे सूक्ष्मजीव इन्हें जटिल से सरल कार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं। जबकि प्लास्टिक, पॉलीथीन आदि अजैव निम्नीकरणीय हैं क्योंकि इनका अपघटन नहीं हो पाता है। प्रश्न 2.  ऐसे दो तरीके सुझाइए जिनमें जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। उत्तर  जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को निम्न दो तरीकों से प्रभावित करते हैं पौधों तथा जंतुओं के अवशेष के अपघटन (decomposition) से वातावरण दूषित होता है तथा दुर्गध (foul | smell) फैलती है, जिससे आस-पास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। कूड़े-कचरे के ढेर पर अनेक प्रकार की मक्खियाँ, मच्छर आदि पैदा होते हैं, ज...

Class 10 Biology Chapter-4 आनुवंशिकता एवं विकास

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   Class 10  Biology  Chapter-4 आनुवंशिकता एवं  विकास  आनुवंशिकता एवं जैव विकास जनन प्रक्रमों द्वारा नए जीव (individual) उत्पन्न होते हैं जो जनक के समान होते हुए भी कुछ भिन्न होते हैं | सबसे अधिक विभिन्नताएँ लैंगिक प्रजनन द्वारा ही प्राप्त होती हैं | पर्यावरण कारकों द्वारा उत्तम परिवर्त का चयन जैव विकास प्रक्रम का आधार बनाता है | स्पीशीज के अस्तित्व के लिए विभिन्नताओं का महत्त्व:  किसी भी स्पीशीज में कुछ विभिन्नताएँ उन्हें अपने जनक से मिली होती है, जबकि कुछ विभिन्नताएँ उनमें विशिष्ट होती है | जो कई बार विशेष परिस्थितियों में उन्हें विशिष्ट बनाता है | प्रकृति की विविधता के आधार पर इन विभिन्नताओं से जीव की स्पीशीज को विभिन्न प्रकार का लाभ हो सकते हैं | जैसे – किसी जीवाणु की कुछ स्पीशीज में उष्णता को सहने की क्षमता है | यदि किसी कारण उसके पर्यावरण में अचानक उष्णता बढ़ जाती है तो इसकी सबसे अधिक संभावना है कि वह स्पीशीज अपने अस्तित्व को अधिक गर्मी से बचा लेगा | आनुवंशिकी (Genetics):  लक्षणों के वंशीगत होने एवं विभिन्नताओं का अध्ययन ही आनुवंशिकी कहलाता ...